69000 चयनित शिक्षक भर्ती संघ पीलीभीत ने विधायक एवं एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

उत्तर प्रदेश के हजारों अभ्यर्थियों की आश बनी 69 हजार शिक्षक भर्ती अभी न्याय के लिए भटक रही है। हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक में इस भर्ती में दर्जनों केस चल रहे हैं। लेकिन सबसे महत्वपूर्ण निर्णय सुप्रीम कोर्ट का आना है। अभी वहां पर भी न्याय मिलने के कोई आसार नहीं है।

69000 चयनित शिक्षक भर्ती संघ, पीलीभीत (टीम सर्वेश) के तत्वाधान में चयनित शिक्षकों का एक प्रतिनिधिमंडल सुनील कुमार के नेतृत्व में अनेकों मांगों के सम्बन्ध में पीलीभीत विधायक संजय सिंह गंगवार और एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी को संबोधित ज्ञापन सौंपा ।

69000 चयनित शिक्षक भर्ती संघ की मांग है कि हम सरकार से विनती करते हैं कि 13 सितंबर को समाचार पत्रों में संविदा से संबंधित नियमावली लाने की बात प्रकाशित की गयी थी, उसमें कहा गया था कि पूर्व में गतिमान भर्तियों पर लागू होगी इसका हम चयनित छात्र पुरजोर विरोध करते हैं क्योंकि ये नियमावली उन तमाम प्रतियोगी अभ्यर्थियों के आशाओं पर कलंक साबित होगी जो उसने अपने लिए, अपने परिवार के लिए, अपने प्रदेश के लिए और अपने देश के लिए देखा है।

समाचारपत्रों के माध्यम से प्राप्त सूचना के आधार पर इसमें कहा गया है कि नैतिकता, देशभक्ति, कर्तव्यपरायणता जैसे मुद्दों की जांच के लिए यह नियमावली प्रस्तावित है। ऐसे में हम प्रदेश के मुख्यमंत्री को अवगत कराना चाहते हैं कि विभागीय स्तर पर नैतिकता, कर्तव्यपरायणता जांचने के लिए पहले से ही कई नियम विद्यमान हैं ऐसे में संविदा जैसे नियम को लाना प्रतियोगी अभ्यर्थियों के लिए एक विष का कार्य करेगा।

विधायक संजय सिंह गंगवार को ज्ञापन सौंपते हुए

69000 चयनित शिक्षक भर्ती संघ का कहना है कि हम सी.एम. योगी से पूछना चाहते हैं कि भर्ती परीक्षा का उद्देश्य ही योग्य का चयन होता है तो ऐसे में एक बार फिर से योग्य चयनित व्यक्ति को पाँच वर्ष तक बार-बार योग्यता सिद्ध करनी होगी तो ऐसे में क्या गारण्टी होगी कि पाँच वर्ष बाद वह योग्य बना रहेगा? ऐसे में यह अनंतकाल तक योग्यता परीक्षण की प्रक्रिया बन कर रह जाएगी जिस पर प्रदेश का सम्पूर्ण ढांचा अस्त-व्यस्त हो जाएगा।

69000 चयनित शिक्षक भर्ती संघ ने कहा कि हम सभी प्रतियोगी अभ्यर्थी मुख्यमंत्री से निवेदन करते हैं कि हमारी मांगों को ध्यान में रखते हुए नियमावली के प्रस्ताव को कैबिनेट के द्वारा मंजूरी न दी जाए वरना हम सभी प्रतियोगी छात्र इससे भी प्रचंड आंदोलन की बिगुल फूंकने के लिए सड़कों पर उतर जाएंगे।

ज्ञापन सौंपते समय 69000 चयनित शिक्षक भर्ती संघ के सुनील कुमार, सुशील कुमार, हर्षित, विवेक, नरेंद्र देव, दुष्यंत, कृष्ण पाल वर्मा आदि लोग मौजूद थे ।