आखिर क्यों लंबा खिंच रहे हैं अमेरिकी चुनाव के नतीजे

अमेरिका में मतगणना के दो दिन बाद भी राष्ट्रपति पद की तस्वीर साफ नहीं हो सकी है। मतगणना के बीच डेमोक्रेट उम्मीदवार जो बाइडेन ने 264 निर्वाचक मंडल मतों के साथ निर्णायक बढ़त बना ली है। वहीं, डोनाल्ड ट्रंप 214 मतों के साथ राष्ट्रपति की दौड़ में पिछड़ते नजर आ रहे हैं। ट्रंप कानूनी लड़ाई के फैसले पर आगे बढ़ गए हैं। दूसरी ओर, उनके समर्थक धांधली का आरोप लगाते हुए अनेक राज्यों में मतगणना केंद्रों के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं।

दरअसल अभी तक की मतगणना में न तो ट्रंप और न ही बाइडेन की जीत को लेकर कोई तस्वीर साफ हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह देरी इस बार पोस्टल बैलेट के जरिए हुए भारी संख्या में मतदान के कारण हो रही है। चूंकि, पोस्टल बैलेट की काउंटिंग में अधिक समय लगता है। जबकि, जो भी मतदान पोलिंग स्टेशन पर इलेक्ट्रॉनिक तरीके से हुए हैं उन्हें गिना जा चुका है, लेकिन अभीतक पोस्टल बैलेट की गिनती पूरी नहीं हो सकी है। यही कारण है कि अभी तक किसी भी प्रत्याशी की जीत की स्थिति साफ नहीं हो सकी है।

बता दें कि जॉर्जिया में बाइडेन ट्रंप से आगे निकल चुके हैं, जबकि पेन्सिलवेनिया में अंतर सिर्फ कुछ हजार वोटों का ही है, जबकि अभी कई वोटों की गिनती बाकी है। अगर बाइडेन इन दोनों राज्यों में जीत हासिल करते हैं, तो उनका राष्ट्रपति बनना लगभग तय हो जाएगा। हालांकि, ट्रंप पहले ही सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कह चुके हैं।

अब तक बाइडेन 264 इलेक्टोरल कॉलेज वोटों पर कब्जा जमा चुके हैं। वहीं ट्रंप के पास 214 इलेक्टोरल कॉलेज वोटों का समर्थन है। बाइडेन को कुल 50.5 फीसदी वोट मिले हैं, जबकि ट्रंप को 47.9ः वोट मिले हैं। अब राष्ट्रपति चुनाव का नतीजा जॉर्जिया, नेवाडा, पेन्सिलवेनिया और नॉर्थ कैरोलाइना के नतीजों पर निर्भर है। बाइडेन की इनमें से एक राज्य में भी जीत ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने के सपने को तोड़ सकती है।