बाबरी विध्वंस मामला: पेशी से पहले लालकृष्ण आडवाणी से मिले अमित शाह

बाबरी केस में सुनवाई से ठीक पहले गृहमंत्री अमित शाह ने बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच दिल्ली में 30 मिनट तक मुलाकात हुई। 5 अगस्त को अयोध्या में राम मंदिर का भूमि पूजन भी होना है जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल होने जा रहे हैं। ऐसे में गृहमंत्री अमित शाह की आडवाणी से इस भेंट को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

24 जुलाई को आडवाणी को अयोध्या में विवादित ढांचा विध्वंस मामले की सुनवाई कर रही सीबीआइ की विशेष अदालत में वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से बयान दर्ज कराना है। जो वकील इस केस में आडवाणी को असिस्ट करेंगे उन वकीलों की टीम के साथ अमित शाह आडवाणी के घर पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि शाह ने इस दौरान भूमि पूजन कार्यक्रम में शिरकत को लेकर भी आडवाणी से बात की।

लालकृष्ण आडवाणी ने ही राम मंदिर आंदोलन का नेतृत्व किया था। उन्होंने ही सोमनाथ से रथयात्रा निकालकर बीजेपी के लिए इस मुद्दे को बड़ा बनाया था। जिसके बाद से लोकसभा चुनाव में भाजपा की सीटें लगातार बढ़ती चली गईं।

6 दिसंबर 1992 को कारसेवकों ने अयोध्या में बाबरी में विवादित मस्जिद के ढांचे को गिरा दिया था। इसमें भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, उमा भारती, यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह, अशोक सिंघल, डॉ. मुरली मनोहर जोशी, विनय कटियार, साध्वी ऋतंभरा सहित अन्य नेताओं के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो चुकी है।

आडवाणी से पहले पार्टी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी 23 जुलाई को बयान दर्ज कराएंगे। सूत्रों का कहना है कि गृहमंत्री अमित शाह की इस मुद्दे पर पार्टी के वरिष्ठ नेता आडवाणी से बातचीत हुई। सूत्रों के अनुसार दोनों नेताओं के बीच भूमि पूजन के मुद्दे पर भी चर्चा की बात सामने आ रही है।