बांग्लादेश के 415 परिवारों को पीलीभीत में मिलेगा मालिकाना हक

बांग्लादेश से विस्थापित होकर आए 415 परिवारों को पीलीभीत जनपद के पूरनपुर क्षेत्र में जमीन देकर बसा तो दिया गया लेकिन आज तक उन्हें जमीन का मालिकाना हक नहीं मिला था। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए शासन के निर्देश पर मंडलायुक्त विस्थापित परिवारों के गांव पहुंचे। उन्होंने परिवारों से सीधा संवाद करते हुए सभी विस्थापित परिवारों को जल्द ही मालिकाना हक दिलाने का आश्वासन दिया है। बरेली मंडल के आयुक्त रणवीर प्रसाद गुरुवार को पूरनपुर तहसील क्षेत्र के शारदा नदी और जंगल के किनारे बसे गांव चंदिया हजारा बंगाली कॉलोनी पहुंचे। यहां के जूनियर हाई स्कूल में उन्होंने ग्रामीणों की बैठक लेकर उनसे बातचीत की।

यह बताया गया कि सन 1970 में बांग्लादेश से विस्थापित हुए परिवारों को पहले उधम सिंह नगर में बसाया गया। फिर 1976 में पूरनपुर क्षेत्र के इस गांव में जमीन देकर बसाया गया था। दो चरणों में आए 415 परिवारों को जमीन तो दे दी गई लेकिन आज तक उन्हें जमीन का मालिकाना हक नहीं मिल सका है। इसकी वजह से वह जमीन की खतौनी पर ऋण आदि सरकारी कामों में उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। शासन ने पिछले दिनों विस्थापित परिवारों को उनका मालिकाना हक देने का आदेश जारी किया। इसके तहत मंडलायुक्त ने ग्रामीणों की बात सुनी और फिर कहा कि जितने भी यहां परिवार बसाए गए हैं उन सब की जमीनों का मालिकाना हक जल्द ही मिल जाएगा।

विस्थापित परिवारों ने बताया कि जिन लोगों को बसाया गया था उसके कुछ दिन बाद 300 परिवार और आ गए जिन्हें आज तक जमीन नहीं मिल सकी और न ही उन्हें अन्य सुविधाएं प्रदान की गई हैं। इस मामले में मंडलायुक्त ने उन सभी ग्रामीणों से विस्थापित होने के साक्ष्य मांगे हैं। शासन ने यह भी कहा है कि जितने शीघ्र वे साक्ष्य दे देंगे उसका सत्यापन करा कर अगर सही होगा तो उन्हें भी मालिकाना हक मिल जाएगा। इस दौरान ग्रामीणों ने अन्य समस्याएं भी रखीं। कुछ लोगों ने शारदा नदी से हो रहे कटान को लेकर कोई भी इंतजाम न होने की समस्या रखी। इस बैठक में जिलाधिकारी पुलकित खरे सहित जिले के सभी आला अधिकारी मौजूद रहे।