अपनी जान जोखिम में डालकर शहर के युवा मरीजों को बाँट रहे भोजन

कोरोना जैसी घातक साबित होती बीमारी के बीच न्याशिस सामाजिक समिति और दाना फाउंडेशन के संयुक्त प्रयास से हॉस्पिटलों में आए मरीजों के साथ परिवारों के सदस्यों की चिंता कर उनको भोजन करवाया जा रहा है। संस्था के युवा हॉस्पिटलों में पहुंच कर लोगो से उनका हाल चाल पूछते है और भोजन करने का आग्रह करते है। यह लोग दूर दराज गांव और नगरों से आकर हॉस्पिटलों में परेशान होते है खुद को खुद की चिंता नहीं होती।

शहर में ऐसे लोगो को भी भोजन कराया जा रहा है जो स्वयं घरों में अपना इलाज करवा रहे है इसके साथ वृद्ध जनों को घरों में ही सब्जियां और दवाईयां पहुंचाई जा रही है। रोजगार चले गए लोग और प्रभावित परिवारों को भी संस्था भोजन करवा रही हैं। समय की गंभीरता को देखते हुए कार्यकर्ताओं द्वारा सभी नियमों और सावधानियों का पालन करते हुए यह सेवा कार्य कर रही है। इस कार्य में प्रमुख रूप से चिमनभाई पटेल, नवीन बोड़खे, दीपेश साहू, शक्ति सिंह, शुभम सहानी, श्रीकृष्ण एकापूरे और मयंक खरे लगे हुए है।