भारी बारिश में बादलों के बीच फंस गया था मुख्यमंत्री का हेलिकॉप्टर, पायलट से कहा- ऐसी परिस्थिति हो तो मना कर दिया करो

कुछ दिनों से मध्य प्रदेश में भारी बारिश हो रही है, इससे पूरे प्रदेश में आपदा और बाढ़ आ गई है। 29 अगस्त को सुबह भारी बारिश के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान हवाई सर्वे के लिए निकल पड़े। वह होशंगाबाद की तरफ निकले और बारिश जारी थी। इस बीच सीएम शिवराज का हेलिकॉप्टर बादलों के बीच फंस गया। इस मुश्किल वक्त में पायलटों ने सूझबूझ दिखाई और सीएम के विमान को सुरक्षित भोपाल लेकर लौट आए। शिवराज बोले- मैंने पायलट से कहा कि मना क्यों नहीं किया, तो पायलट ने कहा कि आपने कहा था चलने को इसलिए मना नहीं कर सका। शिवराज ने अपने पायलट से कहा- ऐसी स्थिति हो तो मना कर दिया करो।

सीएम शिवराज ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में उस दिन के पूरे घटनाक्रम का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि हवाई सर्वे के समय हम मुश्किल में फंस गए थे, मुझे लगा कि हमने गलत निर्णय ले लिया है। हम नर्मदा मां तक पहुंच गए थे, लेकिन थोड़ी देर में ‘लो क्लाउड‘ होने के कारण हम बादलों के बीच फंस गए। उस वक्त न ऊपर दिख रहा था और न ही नीचे। थोड़ी देर के लिए लगा कि क्या करें। खुद तो ठीक, दूसरों को मुश्किल में डाल दिया। सीएम शिवराज ने बताया, ‘बादलों का एक ऐसा समूह होता है, जिसमें करंट होती है और वह हेलीकॉप्टर को अपनी तरफ खींचते हैं। इससे विमान की पंखियां भी टूट सकती हैं और बड़ा नुकसान हो सकता है।

29 अगस्त को प्रदेश में भारी बारिश हुई थी जिसके बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सीहोर और होशंगाबाद के साथ नर्मदा किनारे के गांवों का हवाई सर्वे करने का फैसला किया। बारिश के बीच ही सीएम शिवराज हेलीकॉप्टर में उनके ओएसडी सत्येंद्र खरे, एक पर्सनल सिक्योरिटी जवान, एक न्यूज एजेंसी के कैमरामैन और जनसंपर्क के एक कर्मचारी साथ दौरे पर निकल गए थे, लेकिन जैसे ही विमान बारिश के बीच बादलों में पहुंचा तो मौसम और ज्यादा बिगड़ गया जिससे हेलीकॉप्टर में बैठे स्टाफ के लोग थोड़ी देर के लिए घबरा गए। हालांकि विमान के दोनों पायलट ने सूझबूझ से काम लिया और बारिश के बादलों से विमान को बचाते हुए भोपाल एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंड कराया।