सीएम शिवराज सिंह चौहान की सुरक्षा में चूक, हेलीकॉप्टर के ऊपर अचानक आया ड्रोन

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सुरक्षा में एकब बार फिर चूक का मामला सामने आया है। 14 सितंबर को अशोकनगर जिले के मुंगावली की सभा में मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से पहुंचे थे। सभा के बाद जब मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से जाने लगे तो हेलीकॉप्टर के ऊपर अचानक एक ड्रोन आ गया। यहां मौजूद पुलिस अधिकारियों की भी नजर इस पर नहीं पड़ी। पायलट ने इस संबंध में सूचना दी और कहा कि यह हेलीकॉप्टर की पंखुड़ियों में उलझ सकता है, तब अधिकारियों ने इसे नीचे उतरवाया। मामले में ग्वालियर जोन आइजी अविनाश शर्मा ने विभागीय स्तर पर संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है। हालांकि आइजी से जब इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि यह कोई सुरक्षा में चूक नहीं है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान 11 सितंबर को शिवपुरी जिले के करैरा व पोहरी के दौरे पर थे। इसके अलावा 14 सितंबर को अशोकनगर जिले के मुंगावली कस्बे में आए। इन दोनों ही कार्यक्रम में हुई गलतियों और त्रुटि को लेकर आइजी अविनाश शर्मा ने शिवपुरी व अशोकनगर पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखा है। इसमें बताया है कि मुंगावली में जब हेलीकॉप्टर में वीआईपी बैठने वाले थे या बैठ गए थे, उस समय पायलट द्वारा ऊपर ड्रोन उड़ने की सूचना दी गई और कहा कि यह ड्रोन हेलीकॉप्टर के पंखों में उलझ सकता है। भविष्य में इस तरह की गलती नहीं होनी चाहिए। करैरा में हेलीपेड पर बहुत सारे लोग घुस आए। आइजी के पत्र में उल्लेख है कि मुख्यमंत्री के काफिले के साथ जो 15 पुलिसकर्मी सादा वेशभूषा में लगाए थे, वे सभी अलग-अलग तरह के कपड़े पहने थे। कुछ पुलिसकर्मी जींस भी पहने हुए थे, इसलिए समझ नहीं आ रहा था कि यह पुलिसकर्मी हैं या जनता के लोग। यदि यह सफारी सूट में होते तो इन्हें आसानी से पहचाना जा सकता था।

शिवपुरी के पोहरी में भी मुख्यमंत्री की सुरक्षा में लापरवाही सामने आई है। यहां कई लोग दीवार फांदकर हैलीपेड पर पहुंच गए थे। इसके अलावा मुंगावली में मंच पर लोक निर्माण विभाग ने 35 लोगों के बैठने की क्षमता बताई थी, जबकि यहां बैठने वालों की सूची में 40 लोगों के नाम थे। अशोकनगर एएसपी हेमलता कुरील भी इस संबंध में आइजी को कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे पाईं।