69 हजार शिक्षक भर्ती मामला : CM योगी का निर्देश एक सप्ताह में होगी 31661 पदों पर शिक्षक भर्ती

उत्तर प्रदेश में सरकारी भर्तियों को लेकर योगी सरकार एक्शन मोड में आ चुकी है। मुख्यमंत्री ने निर्देश जारी किए हैं कि युवाओं को जल्द से जल्द रोजगार मुहैया कराए जाए। इसी को लेकर उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा विभाग के रिक्त 31661 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। सीएम ने आदेश दिया है कि एक सप्ताह के अंदर इस भर्ती प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं के रोजगार को लेकर पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने के लिए संकल्पित है।

उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा सहायक अध्यापकों के 69,000 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए 6 जनवरी, 2019 को टीटीई की परीक्षा कराई गई थी। 7 जनवरी, 2019 को निर्गत शासनादेश द्वारा टीटीई परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए सामान्य वर्ग के लिए न्यूनतम 65 प्रतिशत तथा पिछड़ा वर्ग एवं अन्य आरक्षित वर्गों के लिए न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक निर्धारित किया गया था।

सरकार ने कहा है कि यह भर्ती 21 मई 2020 को इलाहाबाद हाईकोर्ट की ओर से पारित आदेश के अनुसार कराई जा रही है। हाईकोर्ट की ओर से शिक्षामित्रों के लिए निर्धारित पदों को छोड़कर अन्य सभी पदों पर भर्ती कराने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद सरकार ने अब अन्य बचे हुए 31661 पदों पर सहायक अध्यापकों की भर्ती कराने का निर्देश जारी किया है।

दरअसल यूपी सरकार ने 69000 सहायक शिक्षकों के पदों पर भर्तियां निकालीं थीं। लेकिन शिक्षामित्रों की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 69,000 सीटों में 37,339 पदों की भर्ती पर सरकार को रोक लगाने के आदेश दिए थे। बाकी बचे हुए 31,661 पदों पर भर्ती करने पर कोई रोक नहीं थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेसिक शिक्षा परिषद को आदेश दिया है कि सुप्रीम कोर्ट के 21 मई 2020 को दिए फैसले के अनुसार ही 31,661 शिक्षकों की नियुक्तियां एक हफ्ते के भीतर संपन्न की जाएं।

सुप्रीम कोर्ट में भी चल रहा मामला
हाईकोर्ट के आदेश के बाद 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया को पूरा कराने की प्रक्रिया शुरू की गई थी लेकिन बीती 3 जून को काउंसलिंग प्रक्रिया के दौरान ही कोर्ट की ओर से इस भर्ती प्रक्रिया पर स्टे लगा दिया गया था। हालांकि इसके बाद कोर्ट ने कहा था कि राज्य सरकार 21 जून के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के ध्यान में रखते हुए चयन प्रक्रिया को जारी रखने के लिए स्वतंत्र है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट की ओर से भी 69 हजार शिक्षक भर्ती मामले में शिक्षामित्रों के लिए 37000 पद रोककर रखे गए हैं।