देश के लिए संजीवनी बूटी बनेगा पीलीभीत में बना काढ़ा

कोरोना वायरस नाम की तलवार पूरे विश्व के सिर पर लटकी हुई है। अबतक इस खूंखार वायरस का खात्मा करने वाली वैक्सीन डेवलप नहीं हो पाई है, ना ही इसकी कोई दवा ईजाद हो पाई है। यही वजह है कि पूरी दुनिया इस कोरोना से सहमी हुई है, लोग घबराए हुए और खौफजदा हैं। आयुर्वेद में कोरोना जैसे वायरस का नियंत्रण कर सकते हैं। ऐसे वायरस को नियंत्रित करने के लिए कारगर औषधियां हैं। ऐसे में आयुष मंत्रालय ने आयुर्वेदिक कॉलेज को आयुष 64, संशमनीवटी,अगस्त्यहरितकी, अणुपहल मुहैया करा दी है।

पीलीभीत की ललित हरि राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज परिसर की फार्मेसी फिर चर्चा का विषय बनी हुई है। आयुष मंत्रालय की देखरेख में यहां तैयार आयुष काढ़ा और अमृतादि क्वाथ पूरे भारत में संजीवनी का कार्य करेगा। काढ़े के निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने कुछ वटी और राज्य सरकार की तरफ से पांच लाख की धनराशि मुहैया करा दी गई है।

राज्य सरकार ने पांच लाख के बजट के साथ कालीमिर्च, दालचीनी, तुलसी वटी के साथ काढ़ा आदि बनाने को कहा है। इससे शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के प्रयास हैं। प्राचार्य डॉ. आरके तिवारी ने बताया कि आयुष काढ़ा और क्वाथ मरीजों को वितरित किया जाएगा। इसकी पैकिंग की तैयारियां चल रही हैं।