दस दिशाएं कौन-सी है, जानिए वास्तुनुसार

मनुष्य के जीवन में ज्योतिष और वास्तु शास्त्र का बहुत महत्व होता है । भारत में हिन्दू धर्म के साथ अन्य धर्मों के लोगों भी इन दोनों शास्त्रों को मनाते है । वास्तु शास्त्र के अनुसार 10 दिशाएं मना गई है । यह 10 दिशाएं पूर्व, पश्चिम,उत्तर, दक्षिण ईशान,नैऋत्य,वायव्य,आग्नेय,आकाश और पाताल हैं जोकि मनुष्य के जीवन का भविष्य तय करती है।

आजकल पूरे विश्व में वास्तु शास्त्र के हिसाब से घर या ऑफिस का निर्माण कराया जाता है अगर आप भी अपने घर या ऑफिस का निर्माण इन दिशाओं के हिसाब से करते हैं तो आप को इन दिशाओं के शुभ लाभ प्राप्त होगें । अगर आप दिशाओं का ध्यान नहीं रखते है तो आप को  घर या ऑफिस का निर्माण करते समय बड़ा खामियाजा भी उठाना पड़ सकता है ।

हमारे पुराने ग्रंथों और शास्त्रों में बताया गया है कि प्रत्येक दिशा के लिए एक देवता होता है जिसको शास्त्रों में दिग्पाल कहा गया है । जिसका अर्थ दिशाओं के पालनहार,दिशाओं की रक्षा करने वाला । इसलिए जब भी आप अपना ऑफिस या घर बनाये तो इन सभी 10 दिशाओं को ध्यान में रख कर ही बनावाए जिससे आपको अच्छे परिणाम मिल सकते है ।