अपनी जान जोखिम में डालकर पीलीभीत के युवा मरीजों को बाँट रहे भोजन

माँ अन्नपूर्णा रसोई के माध्यम से नियमित वितरित हो रहा भोजन

कोरोना भले ही लोगों को अपनी गिरफ्त में ले रहा हो, रोजगार के साथ-साथ रोजी-रोटी के संकट पैदा कर रहा हो लेकिन इस विषम परिस्थितियों में भी दयावान हाथों की कमी नहीं हैं। पीलीभीत शहर में कोरोना कर्फ्यू के चलते गरीब तबके के मजदूरों को कहीं काम नहीं मिल रहा इसलिए वह रोजी रोटी की आस में यहां वहां भटक रहे हैं, ऐसे लोगों की मदद करने के लिए शहर के युवा सामने आए हैं।

माँ अन्नपूर्णा रसोई के माध्यम से नियमित रूप से पांच सौ से अधिक पैकेटों का निर्माण किया जा रहा है। गरीब तबके के लोगों को डोर टू डोर भोजन के पैकेट प्रदान किए जा रहे हैं। यह युवा आपस में राशि एकत्रित कर भोजन के पैकेट तैयार कर रहे हैं तथा जिन लोगों को भोजन की अत्यधिक आवश्यकता है उन लोगों में भोजन के पैकेट वितरित कर रहे हैं।

इस दल में तकरीबन आधा दर्जन युवा सम्मिलित हैं। जो स्वयं चंदा एकत्र कर प्रतिदिन सुबह-शाम लगभग 500 से अधिक भोजन के पैकेट तैयार करते हैं। इसके अलावा लॉकडाउन के कारण जिन लोगों के रोजगार प्रभावित हुए हैं और आर्थिक समस्याएं झेल रहे हैं, ऐसे सैकड़ों जरूरतमंद परिवारों में सूखे राशन की किट जिसमें आटा, दाल, चावल, नमक, चीनी, तेल, सभी मसाले, सब्जी आदि सहित एक किट का वितरण भी कर रहे हैं।

इस सेवा कार्य में मुख्य रूप से केशव त्रिवेदी, अंकुल चौधरी, सचिन सिंह, प्रवीन शर्मा, मनीष भट्ट, अखिलेश कुमार, सुमित नायल, दुष्यंत, हिमांशु नेगी आदि युवा कार्यकर्ता सम्मिलित हैं।