Twitter पर बड़े एक्शन की तैयारी में सरकार

ट्विटर और भारत सरकार की अनबन अब सास-बहू वाली अनबन की तरह हो गई है। सरकार ट्विटर के खिलाफ एक कदम चलती है तो ट्विटर भी कोई-ना-कोई एक्शन लेता है। वैसे तो भारत सरकार की अनबन फेसबुक के साथ भी रहती है लेकिन ट्विटर के साथ इस बार मामला थोड़ा ज्यादा ही बिगड़ गया है। कुछ दिन पहले ही ट्विटर ने भाजपा के कई नेताओं के ट्वीट को भ्रामक बता दिया, उसके बाद से मामला और गर्म हो गया है। देश का कानून मानने को लेकर ट्विटर के बार-बार इनकार के बाद आज ट्विटर को सरकार की ओर से आखिरी कानूनी नोटिस भेजा गया है। सरकार ने साफ कह दिया है कि अगर ट्विटर ने भारत का कानून नहीं माना तो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के तौर पर उसको मिली प्रतिरोधक छूट समाप्त हो जाएगी।

दरअसल शनिवार सुबह ट्विटर ने उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू के पर्सनल अकाउंट से ट्विटर ने ब्लू टिक हटा दिया था। हालांकि, कुछ घंटे बाद ट्विटर ने फिर से अकाउंट को सत्यापित कर दिया और ब्लू टिक लौटा दिया। इतना ही नहीं, ट्विटर ने संघ प्रमुख मोहन भागवत के अकाउंट से भी ब्लू टिक हटा दिया है। उसी के बाद से नए आईटी नियमों को लेकर केंद्र सरकार और ट्विटर के बीच छिड़े विवाद पर फिर से चर्चा गरम हो गई है। सरकार ने ट्विटर के खिलाफ सख्ती दिखाते हुए आई टी नियमों के पालन को लेकर अंतिम चेतावनी दी है।

केंद्र सरकार ने ट्विटर को नए डिजिटल नियम लागू करने को लेकर अंतिम चेतावनी दी है। आईटी मंत्रालय की तरफ से भेजे गए नोटिस में साफ-साफ कहा गया है कि कंपनी जल्द से जल्द नए नियम लागू करे नहीं तो उसे गंभीर परिणाम भूगतना पड़ सकता है। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद की अध्यक्षता में आईटी के प्रमुख वरिष्ठ अधिकारियों के साथ 4 जून को हुई बैठक में ये फैसला लिया गया है।

सरकार ने कहा कि ट्विटर को नए आईटी नियमों का पालन करने के लिए आखिरी नोटिस दिया जा रहा है। अगर नियमों का पालन नहीं हुआ तो आईटी एक्ट 2000 की धारा 79 के तहत मिली छूट को खत्म कर दिया जाएगा और ट्विटर को आईटी एक्ट और अन्य दंडात्मक प्रावधानों के तहत कार्रवाई के लिए तैयार रहना होगा।