होशंगाबाद बाढ़: नर्मदा ने दिखाया रौद्र रुप, सेना ने संभाला मोर्चा, सीएम ने की आपात बैठक

मध्यप्रदेश में दो दिन से लगातार हो रही बारिश से नदियां उफान पर हैं। जलस्तर बड़ने के कारण प्रदेश के अधिकतर डैम खोल दिए गए हैं, जिसके कारण अनेकों नदियों के जलस्तर में निरंतर वृद्धि हो रही है। मध्यप्रदेश के होशंगाबाद जिले में बाढ़ से हालात बिगड़ गए हैं। इसके चलते अब सेना को बुलाया गया है। होशंगाबाद कलेक्टर ने बाढ़ पीड़ीतों की मदद के लिए सेना की कई टुकड़ियों को बुला लिया है।

नर्मदा का जलस्तर 973 फीट तक पहुंच गया है। जो खतरे के निशान से 6 फीट ऊपर चल रहा है। होशंगाबाद के काले महादेव मंदिर तक नर्मदा नदी का पानी पहुंच गया है। यह मंदिर सेठानी घाट से ऊपर स्थित है, उधर पुलिस ने सेठानी घाट जाने पर रोक लगा दी है।

सेठानी घाट, होशंगाबाद

बंगाल की खाड़ी में बने मानसूनी दवाब की वजह से मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश हो रही है। वहीं, होशंगाबाद और सिहोर जिले में आज सुबह से ही बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं।

होशंगाबाद में 29 अगस्त 1973 का दिन। जब लोगों की सुबह आंख खुली थी नर्मदा उफन रहीं थीं। देखते ही देखते आधे से ज्यादा शहर नर्मदा में समा चुका था। 29 अगस्त 2020 को भी नर्मदा एक बार फिर उसी तरह उफन रहीं हैं। जलस्तर पिछले 18 घंटों से खतरे के निशान के ऊपर चल रहा है। कई मोहल्लों में पानी भरने के कारण लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा रहा है।

नर्मदा-तवा के संगम स्थल बांद्राभान के पास के घानाबड़ गांव में बाढ़-बारिश का पानी भरा रहा है। यहां तीन लोग एक खेत में फंस गए हैं। होमगार्ड का दल मौके पर पहुंच गया है। पर्यटन कोरीघाट जलमग्न हो गया है।
होशंगाबाद संभागीय आयुक्त रजनीश श्रीवास्तव ने कहा, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की दो टीमें पहले से ही जिले में तैनात हैं, जल्द ही दो और जवान तैनात किए जाएंगे।

सी.एम. शिवराज सिंह चैहान ने बाढ़ ग्रस्त इलाकों का हवाई दौरा किया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने सीहोर, होशंगाबाद और नर्मदा के किनारे गांवों के बाढ़ और अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों हवाई सर्वेक्षण किया। उन्होंने स्टेट हैंगर से उड़ान भरी थी। वहीं इससे पहले सीएम ने बाढ़ के हालातों से निपटने के लिए आपात बैठक भी बुलाई थी।

प्रियंका राठौड़