Tokyo Olympics Hockey : होशंगाबाद में हॉकी खिलाड़ी विवेक सागर के घर जश्न

गुरुवार को टोक्यो ओलिंपिक में हुए हाकी मैच में भारतीय पुरुष हाकी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जर्मनी की टीम को 5-4 से मात देकर कांस्य पदक अपने नाम कर लिया। जैसे ही भारत को मैडल मिलने का रास्ता साफ हुआ या टीम में मध्य प्रदेश से प्रतिनिधित्व कर रहे चांदोन गांव के खिलाड़ी विवेक सागर का पूरा गांव खुशी से झूम उठा। विवेक के भाई विद्या सागर ने नवदुनिया को बताया कि मैच के आखिरी 6 सेकंड पूरा परिवार दिल थामकर बैठा रहा। जैसे ही मैच खत्‍म हुआ, पिता रोहित सागर और मां कमला देवी की आंखों से आंसू आ गए। विद्या सागर ने सुबह जीत के बाद विवेक से बात की। विवेक ने कहा कि वह 3 दिन बाद इटारसी लौटेंगे।

भाई ने बताया कि मैच के आखिरी क्षणों मे ऐसा लग रहा था कि 41 साल का लंबा इंतजार खत्म होगा या और लंबा चलेगा। जैसे ही 6 सेकंड में टीम इंडिया ने पेनाल्टी कार्नर शूट किया, पूरा परिवार झूम उठा। विवेक ने अपने परिवार से बात की। सभी ने उसे बधाई देते हुए कहा कि बेटा वेलडन..हमें नाज है तुम पर। विवेक सागर और नीलाकांता को मध्य प्रदेश सरकार देगी एक-एक करोड़ की राशि। सीएम शिवराज सिंह चैहान ने ट्वीट के माध्यम से इसकी घोषणा की। दोनों ही खिलाड़‍ियों का मध्य प्रदेश से संबंध हैं। विवेक सागर इटारसी के रहने वाले हैं तो नीलाकांत ने मध्य प्रदेश में ट्रेनिंग ली है।

जीत के बाद गांव में दीवाली सा माहौल बन गया। गांव के युवा, बच्चे, महिलाएं हाथ मे तिरंगा लेकर ढोल के साथ झूम उठे। घर पर विवेक के पिता रोहित प्रसाद, मां कमला प्रसाद और भाई विद्यासागर भी जमकर नाचे। पूरा गांव बधाई देने घर पर आ गया। पिता ने खुशी से अपने बड़े बेटे को गोद मे उठा लिया। पिता इतने खुश थे कि गांव में मिठाई बंटवाने को बाहर आ गए। इधर जिला हाकी संघ के सदस्यों ने भी विजय जुलूस निकालकर टीम इंडिया की जीत का जश्न मनाया। विवेक के भाई विद्यासागर ने कहा आज हमारे विवेक ने पूरी दुनिया मे देश का नाम रोशन कर दिया है।
जिला हाकी संघ के अध्यक्ष प्रशांत जैन ने कहा कि विवेक के घर आगमन पर ऐतिहासिक स्वागत की तैयारी कर रहे हैं। सचिव कन्हिया गुरयानी ने बताया कि सुबह से दिल थामकर पूरे खिलाड़ी मैच देख रहे थे जीत के बाद जश्न मनाने सारे लोग गांधी स्टेडियम आ गए थे। यहां सभी ने एक दूसरे को बधाई दी।