पीलीभीत में धड़ल्ले से हो रही मानव तस्करी !

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जनपद के 24 मजदूरों का हिमाचल के शिमला जिले में चैपाल के सेब बहुल क्षेत्र मड़ावग में बंधक बनाने की शिकायत दर्ज करायी गई है। आरोप है कि सेब के बगीचों में रखकर उनका उत्पीड़न किया जा रहा है। मजदूरों ने उत्तर प्रदेश के पीलीभीत की सीक्रेट क्राइम इन्फॉर्मेशन सर्विस फाउंडेशन को इसकी जानकारी दी है। फाउंडेशन ने इस घटना की शिकायत तत्काल उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्रियों को भेजी है। शिकायत में आरोप लगाया है कि पीलीभीत के ढाबा मालिक ने मानव तस्करी की है। इस मानव तस्करी में शिमला के शोघी में रहने वाले नेपाली मूल के व्यक्ति का भी हाथ बताया जा रहा है। दोनों मुख्यमंत्रियों से मजदूरों को मुक्त करवाकर आरोपियों के खिलाफ शख्त कार्रवाई की मांग की गई है।

फाउंडेशन ने यह भी आरोप लगाया है कि मजदूरों को मुक्त करने की एवज में नौ-नौ हजार रुपये मांगे जा रहे हैैं। मड़ावग क्षेत्र के दशौली गांव के बागवानों का कहना है कि मजदूरों को न तो बंधक बनाया गया है न ही उनका कोई उत्पीड़न हुआ है। उन्हें सेब बगीचों में घास काटने के लिए लाया गया है।

पीड़ित मजदूरों को कहना है कि हमें बंधक बनाया गया है। हमें कहा गया था कि मैदानी इलाकों की तरह आम व अमरूद के बागों में काम करना है। लेकिन यहां तो बड़े-बड़े पहाड़ हैं और हमने कभी ऐसे पहाड़ी इलाके में काम नहीं किया है, इसलिए जब हमनें वापस जाने की बात की तो हमसे नौ-नौ हजार रुपये की मांग की जा रही है। हमें शक है कि पीलीभीत के ढाबा मालिक ने हमें बेच दिया है।

पीलीभीत के मानव तस्करों ने 24 मजदूरों को बेचा दिया है। जहां वे मजदूर कार्य कर रहे हैं, वहां उनके साथ उत्पीड़न हो रहा है। गरीब आदमी आने-जाने का भाड़ा कैसे दे पाएगा। दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों से आग्रह किया है कि उन्हें तत्काल मुक्त करवाया जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
रमेश चंद अकेला, डायरेक्टर, सीक्रेट क्राइम इन्फॉर्मेशन सर्विस फाउंडेशन