Income Tax में भारी छूट पाने के लिए इन योजनाओं में करें निवेश

कोविड -19 के संक्रमण को रोकने के लिए देश में 25 मार्च से लॉकडाउन लागू गया था जिसके बाद भारत सरकार ने वित्त वर्ष 2018-19 के लिए ओरिजिनल या रिवाइज इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की तारीख बढ़ाकर 31 जुलाई 2020 तक कर दी गई है. वित्त वर्ष 2019-20 के लिए टैक्स रिटर्न फाइल करने की तारीख बढ़ाकर 30 नवंबर 2020 तक कर दी गई. इसका मतलब जो रिटर्न 31 जुलाई और 31 अक्टूबर 2020 तक फाइल करना था उसे अब 30 नवंबर तक फाइल किया जा सकता है. अब अगर आप टैक्स में छूट चाहते हैं, तो आपके पास कहीं निवेश करने का यह अंतिम मौका होगा। आज हम आपको कुछ ऑनलाइन टैक्स सेविंग निवेश विकल्पों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनके माध्यम से आयकर अधिनियम की धारा 80 सी के अंतर्गत आयकर में छूट प्राप्त की जा सकती है।

टैक्स सेविंग बैंक एफडी
अगर आप इस आखिरी समय में टैक्स बचाने की सोच रहे हैं, तो टैक्स सेविंग बैंक एफडी में भी निवेश कर सकते हैं। यह पांच साल की लॉक-इन अवधि के साथ आती है। यह एफडी इस समय 5.50 से 6 फीसद तक रिटर्न की पेशकश कर रही है। इस एफडी से प्राप्त ब्याज आय कर योग्य होती है।

नेशनल पेंशन सिस्टम ¼NPS½
टैक्स सेविंग के लिए एनपीएस टियर-1 अकाउंट को ऑनलाइन भी खुलवाया जा सकता है। ग्राहक अपने बैंक की ऑनलाइन बैंकिंग सुविधा के माध्यम से एनपीएस अकाउंट खुलवा सकते हैं। रजिस्ट्रेशन प्रोसेस के दौरान बैंक द्वारा आपकी केवाईसी वेरिफिकेशन पूरी कर ली जाएगी। अकाउंट खुल जाने के बाद निवेशक इंटरनेट बैंकिंग, क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड के माध्यम से निवेश कर सकते हैं।

पब्लिक प्रोविडेंट फंड ¼PPF½
पीपीएफ में निवेश करके भी आयकर में छूट प्राप्त की जा सकती है। भारतीय स्टेट बैंक, एचडीएफसी बैक, आईसीआईसीआई बैंक जैसे सभी बड़े बैंक अपने ग्राहकों को ऑनलाइन पीपीएफ अकाउंट खोलने की सुविधा देते हैं। निवेशक ऑनलाइन माध्यम से ही अपने बैंक अकाउंट से पैसा पीपीएफ अकाउंट में ट्रांसफर कर सकते हैं। निवेशक पीपीएफ अकाउंट स्टेटमेंट जनरेट कर सकते हैं और टैक्स सेविंग के लिए उसे इन्वेस्टमेंट प्रूफ के रूप में जमा करा सकते हैं। निवेशक पीपीएफ अकाउंट में एक साल में 500 रुपये से लेकर 1.5 लाख रुपये तक निवेश कर सकते हैं।