कानपुर एनकांउटर: बीच रास्ते में JCB खड़ी कर पुलिस का रास्ता रोकने वाला ड्राइवर गिरफ्तार, बताया पूरा मास्टरप्लान

कानपुर पुलिस ने बिकरु गांव में दो जुलाई की रात हुए शूटआउट मामले में जेसीबी ड्राइवर राहुल पाल को गिरफ्तार किया है। यह वही शख्स है, जिसने गैंगस्टर विकास दुबे के कहने पर उसके घर के सामने बीच रोड पर जेसीबी लगाकर दबिश देने पहुंची पुलिस टीम का रास्ता रोका था। आरोपी राहुल शूटआउट का चश्मदीद है।

जेसीबी ड्राइवर ने बताया कि ‘‘दो जुलाई को मैं खेत पर काम कर रहा था तभी मेरे पास विकास दुबे का मामा प्रेम प्रकाश पांडेय आया था। उसने कहा कि जेसीबी लेकर चलो। विकास भैया ने बुलाया है, जरुरी काम है। जल्दी गाड़ी ले चलो। जब मैं बिकरू गांव पहुंचा तो देखा कि वहां पर बहुत लोग खड़े हुए थे।

जहां पर मैं पहले जेसीबी खड़ी करता था वहीं पर साइड खड़ी करने लगा। इस पर विकास दुबे ने कहा कि जेसीबी रास्ते में लगा दो। मैंने कहा कि रास्ता जाम हो जाएगा, इस पर विकास दुबे मुझसे कहने लगे कि जितना कहता हूं, उतना सुन ज्यादा बकवास करने का टाइम नहीं है।

तभी मैंने गाड़ी को रास्ते में लगा दिया और नीचे उतरने लगा तो विकास दुबे ने गाड़ी में सोने के लिए कहा। फिर उसने वहां मौजूद धीरू नाम के शख्स से कहा कि इसे ले जाकर छत पर बंद कर दो। मुझे विकास दुबे की छत पर चढ़ा दिया गया। जीने से लगी खिड़की पर कुंडी लगा दी गई थी।

जब छत पर पहुंचा तो देखा कि 20 से 25 लोग छत पर हथियार लिए बैठे हुए थे। मैं उसमें विकास दुबे, धीरू, अमर दुबे, अतुल दुबे, प्रभात मिश्रा, प्रेम प्रकाश, सूबेदार को मैं पहचानता था। इसके अलावा नए चेहरे थे, उनकों मैं नहीं पहचानता था।

उन लोगों को देखकर मैं बहुत घबरा गया था, कुछ देर बाद वहां पर फायरिंग होने लगी। छत किनारे एक छज्जा था, मैं वहीं लेट गया। बहुत जबरदस्त फायरिंग हो रही थी। मुझे बाद में पता लगा कि पुलिस वालों पर फायरिंग हो रही थी। छत से विकास के आदमी अंधाधुंध गोली चला रहे थे। लगभग 15 से 20 मिनट फायरिंग होने के बाद विकास दुबे की अवाज आई ‘गनकट’ इसके बाद पूरा माहौल शांत हो गया। थोड़ी देर मैंने देखा कि टार्च ही टार्च जल रही थी। किसी तरह से मैं वहां से कूद कर भाग गया।