मप्र भाजपा में बड़े बदलाव की तैयारी, सिंधिया समर्थकों को नहीं मिलेंगे बड़े पद

मध्यप्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद अब भाजपा संगठन में भी बदलाव की कवायद प्रारंभ हो चुकी हैै। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद बहुत से भाजपा विधायकों की नाराजगी सामने आई थी जिन्हें खुश करने के लिए भाजपा अपने प्रदेश संगठन में बदलाव करने जा रही है। राज्य में भाजपा ने राज्य सभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके साथ कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए तत्कालीन 26 विधायकों के कारण सत्ता में वापसी कर पायी है। ऐसी स्थिति में भाजपा को सिंधिया के साथ आए हुए लोगों को सत्ता में हिस्सेदारी देना मजबूरी थी और सत्ता में आगे भी उनकी हिस्सेदारी जारी रहेगी, मगर संगठन के मामले में ऐसा नहीं होने वाला।

वीडी शर्मा को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बने हुए पांच महीने का वक्त हो गया है, लेकिन वह अभी पुरानी टीम के साथ ही काम कर रहे हैं। भाजपा सूत्रों का कहना है कि प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा और प्रदेश महामंत्री संगठन सुहास भगत के बीच नई कार्यकारिणी को लेकर मंथन चल रहा है। संगठन में अब उन लोगों को ज्यादा महत्व दिया जाने वाला है, जिन्हें तमाम योग्यता और अनुभव के बावजूद सरकार में हिस्सेदारी नहीं मिल सकी है।

मध्यप्रदेश में मंत्रियों के विभागों के बंटवारों के बाद एक बार फिर से बैठकों का दौर प्रारंभ हो गया है। प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने हाल ही में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश संगठन महामंत्री सुभाष भगत के साथ कार्यकारिणी के गठन को लेकर चर्चा की थी। माना जा रहा है कि वीडी शर्मा की टीम में नए चेहरों को भी मौका मिल सकता है।