होला मोहल्ला मनाने से रोका तो तलवारों से लैस सिखों ने पुलिस पर किया हमला

महाराष्ट्र के नांदेड़ में होला मोहल्ला रोकने दौरान हिंसा हो गई। आक्रोशित भीड़ ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया। इस दौरान पुलिस के वाहनों को भी निशाना बनाया गया। हालात पर काबू पाने के लिए अतिरिक्त पुलिसबल बुलाना पड़ा।

नांदेड़ रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक निसार तंबोली ने बताया, ‘कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए होला मोहल्ला की अनुमति नहीं दी गई थी और गुरुद्वारा कमेटी को भी इसके लिए सूचित कर दिया गया था। कमेटी ने हमें भरोसा दिया था कि वे होला मोहल्ला कार्यक्रम गुरुद्वारा के अंदर ही करेंगे, हालांकि जब निशान साहिब को शाम 4 बजे द्वार पर लाया गया तो कई लोगों ने बहस शुरू कर दी और 300 से अधिक युवा दरवाजे से बाहर आ गए, बैरिकेड तोड़ दिए और पुलिसकर्मियों पर हमला करना शुरू कर दिया।’

एसपी विनोद शिवाडे ने बताया कि नांदेड़ जिले में कोरोना के मामले बढ़ने की वजह से प्रशासन ने लोगों के एक जगह जुटने पर पाबंदी लगा रखी है। इसके बावजूद सिख समाज के लोग हल्ला बोल मोर्चा निकालना चाहते थे। हालांकि, गुरुद्वारा प्रबंधन को परिसर के अंदर कार्यक्रम करने की इजाजत दी गई थी। लेकिन हजारों की संख्‍या में जुटे लोगों ने गुरुद्वारा के पास लगी बैरीकेडिंग को तोड़ दिया। पुलिसकर्मी हजारों की भीड़ और तलवार से लैस लोगों के आगे बेबस नजर आए। बताया जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर भी हमला किया। पुलिस की गाड़ियों को भी नुकसान पहुंचाया और इस दौरान 4 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।

क्या है होला मोहल्ला

सिखों के पवित्र धर्मस्थान श्री आनंदपुर साहिब मे लगने वाले मेले को होला मोहल्ला कहते हैं। भारत के हर क्षेत्र में रहने वाले सिख गुरुद्वारा में इसे मनाते हैं। सिखों के लिए होला मोहल्ला का बहुत महत्व है। सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोविंद सिंह इसके माध्यम से समाज के दुर्बल और शोषित वर्ग की प्रगति चाहते थे। होला महल्ला का उत्सव आनंदपुर साहिब में छः दिन तक चलता है। इस अवसर घोड़ों पर सवार निहंग, हाथ में निशान साहब उठाए तलवारों के करतब दिखा कर साहस, पौरुष और उल्लास का प्रदर्शन करते हैं।