आजादी के स्थानीय इतिहास को जानने निकली युवाओं की टोली

आजादी के अमृत महोत्सव पर होशंगाबाद क्षेत्र में स्वतंत्रता संग्राम के दौरान घटित घटनाओं और उसके साक्षी बने स्मारकों की जानकारी तथा होशंगाबाद शहर और आसपास के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के संस्मरण और उनके जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों को संग्रहित करने और लिपिबद्ध करने के लिए शासकीय नर्मदा महाविद्यालय होशंगाबाद के विद्यार्थी स्वप्रेरणा से संगठित और एकत्रित हुए लगभग 34 विद्यार्थियों ने एक समूह का गठन किया। इन 34 विद्यार्थियों को 2-2 के समूह में बांटकर प्रत्येक समूह ने रचनात्मक लेखन कार्य की जिम्मेदारी ली। इन विद्यार्थियों के द्वारा एकत्र की जाने वाली जानकारी के पीछे एकमात्र उद्देश्य युवा पीढ़ी और जन समुदाय को यह याद दिलाना है कि देश की आजादी में नर्मदा किनारे होशंगाबाद का भी महत्वपूर्ण योगदान है।

नर्मदा किनारे हुए बौरास कांड में भोपाल विलीनीकरण आंदोलन के दौरान स्थानीय निवासियों का अविस्मरणीय योगदान रहा है। इस युवा टोली का नेतृत्व कर रहे छात्र हैं – त्रिलोकनाथ गोयल , शिवम दुबे ,सर्वजीत दुबे ,समीक्षा तिवारी , गौरव बरखने, सत्यम तिवारी , गीता सरेआम , प्राची गौर ,प्रीति सिंह ,श्वेता शर्मा , नैतिक पटेल ,सुमित वेदांत , साक्षी मीणा ,आशीष प्रजापति अनेक विद्यार्थी सम्मिलित है। प्राचार्य डॉ ओ एन चौबे ने विद्यार्थियों को स्वतंत्रता संग्राम संबंधी प्रमाण और साक्ष्यों को संग्रहित कर के उन्हें लिखने के लिए प्रेरित किया ।

स्थानीय इतिहास संग्रहण समिति की प्रभारी डॉ हंसा व्यास ने इस अवसर पर कहा कि होशंगाबाद एक ऐतिहासिक शहर है जिसमे अनेक प्रमाण समाहित है जो आजादी की गवाही देते हैं । डॉ कल्पना विश्वास, डॉ अंजना यादव इस समिति की सदस्य हैं। समूह निर्माण में डॉ बीसी जोशी डॉ कल्पना विश्वास डॉ अंजना यादव तथा छात्र-छात्राएं मौजूद थे ।