NSUI एम्स के डायरेक्टर की करेगी घेराबंदी

भोपाल : मध्य प्रदेश एनएसयूआई मेडिकल विंग ने एम्स भोपाल के डायरेक्टर सरमन सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मेडिकल विंग के प्रदेश समन्वयक रवि परमार ने कहा है कि हमने एम्स भोपाल के डायरेक्टर के भ्रष्टाचार की सूचना केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को भी दी है। लेकिन अभी तक डायरेक्टर पर किसयी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की गई है।

रवि परमार ने बताया कि कोरोना महामारी में जिन 102 आउटसोर्सिंग नर्सिंग ऑफिसर ने अहम भूमिका निभाई है। लेकिन एम्स के डायरेक्टर ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखाते हुए निकालने के लिए 23 अगस्त तक का अल्टीमेटम दे दिया है। नौकरी से ना निकालने की बात जब नर्सिंग ऑफिसर ने डायरेक्टर से की तो डायरेक्टर ने उनकी बात सुनने से मना कर दिया।

परमार ने कहा कि इस कोरोना महामारी में अगर कोई भी नौकरी से निकालता है तो उसके ऊपर कार्यवाही होगी यह देश के प्रधानमंत्री ने खुद अपने उद्बोधन में कहा था लेकिन भोपाल एम्स के डायरेक्टर अपनी मन मानी कर रहे हैं।

नर्सिंग ऑफिसर ने बताया कि कई आउटसोर्सिंग नर्सिंग आफिसर 7 साल से ओर कई 3 साल से कार्य कर रहे हैं लेकिन ईशा प्रोटेक्शनल सिक्योरिटी गार्ड प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने 102 नर्सिंग ऑफिसर को 23 अगस्त के बाद नौकरी पर ना आने का नोटिस थमा दिया। उसके बाद जब नर्सिंग आफिसर ने इसका विरोध किया तो फिर कम्पनी कंपनी ने फरमान जारी कर माफीनामा देने के लिए कहा लेकिन इस महामारी मे नर्सिंग आफिसर को निकालना बिल्कुल भी उचित नहीं है
रवि परमार ने कहा कि अगर एम्स प्रशासन और ईशा प्रोटेक्शनल सिक्योरिटी गार्ड प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने नर्सिंग ऑफिसर को नौकरी से निकालने के नोटिस वापस नहीं लिये तो एम्स के डायरेक्टर की गिरफ्तारी की मांग और कंपनी का लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन रद्द करने की मांग को लेकर एनएसयूआई उग्र प्रदर्शन करेगी।