पीलीभीत में लाखों का चूना लगाकर कंपनी फरार

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत शहर के कुछ व्यक्तियों ने चिटफंड कंपनी खोली थी। आरडी और एफडी के नाम पर ठगों ने ग्राहकों से लाखों रुपये जमा कराए थे। रुपये एकत्र करने के बाद ठग अपना कार्यालय बंद कर फरार हो गए। जब लोगों को मामले की जानकारी हुई तो ग्राहकों ने सुनगढ़ी थाने में सामूहिक तहरीर दी थीं। ठग ने प्लाट की बिक्री होने के बाद ग्राहकों के रुपये देने का वादा किया था, लेकिन 10 माह बीतने के बाद भी किसी के रुपये वापस नहीं किए। पीड़ितों ने एसपी को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है।

शहर के मोहल्ला बशीर खां निवासी शेर सिंह उर्फ शेरा समेत अन्य पीड़ितों ने एसपी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि शहर के बल्लभनगर कॉलोनी निवासी भोलू यादव पुत्र रामस्वरुप यादव और उसके पिता ने मिलकर मां भगवती नाम से एक कंपनी खोली थीं। दोनों ने छोटे और बड़े दुकानदारों को ढाई प्रतिशत के हिसाब से ब्याज का झांसा देकर आरडी और एफडी जमा कराईं। उनकी बातों में आकर पीड़ित ने बेटे रोहित और राकेश के नाम से 400 रुपये रोज की आरडी कराई थी।

पीड़ित ने पांच साल तक कंपनी में रुपये जमा किए। लेकिन, पिछले साल कंपनी का दफ्तर बंद कर भोलू यादव फरार हो गया। मामले में 17 नवंबर 2019 को पीड़ितों ने सुनगढ़ी थाने में सामूहिक तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी। तब पिता-पुत्र ने अपने प्लाट की बिक्री करने के बाद रुपये वापस करने का वादा किया था। मगर, अब दोनों अपना घर छोड़कर ही फरार हो गए। पीड़ितों ने एसपी के समक्ष पेश होकर न्याय की मांग की है। एसपी ने जांचकर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।