पीलीभीत में पूर्व मंत्री ने सरेआम उड़ाई नियमों की धज्जियां

उत्तर प्रदेश की सपा सरकार में खाद्य एवं रसद राज्यमंत्री रहे हेमराज वर्मा और उनके भाइयों के तीन एकड़ खेत में पराली जला दी गई। तीन दिन पूर्व हुई इस घटनाक्रम का पता लगने के बाद लेखपाल ने तत्काल मौके पर जाकर जांच पड़ताल की मगर घंटों तक मामला दबा रहा। उच्चाधिकारियों का दबाव पड़ने के बाद शनिवार को लेखपाल ने पूर्व मंत्री के बड़े भाई के नाम से न्यूरिया थाने में एफआईआर दर्ज करा दी है। हालांकि दर्ज एफआईआर में भी पूर्व मंत्री और उनके एक ब्लॉक प्रमुख भाई को बचा लिया गया।

धान कटाई प्रारंभ होने के साथ ही खेतों में पराली जलाने की घटनाएं रोकने के लिए प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है। राजस्व, पुलिस और प्रशासनिक टीम खेतों में पराली जलाने से रोकने के लिए गांवों में जाकर किसानों को जागरूक भी कर रहे हैं। पराली जलाने के लिए लगातार सेटेलाइट से निगरानी भी रखी जा रही है मगर कुछ दिन पहले सपा सरकार में मंत्री रहे हेमराज वर्मा के खेतों में पराली जला दी गई।

सदर तहसील के टाह गांव में तीन एकड़ खेत पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा, उनके भाई और वर्तमान ब्लॉक प्रमुख मरौरी अरुण वर्मा और बड़े भाई शांति स्वरुप के नाम से है। गांव वालों के अनुसार तीन दिन पहले धान की कटाई करने के बाद पूर्व मंत्री के इस खेत में पराली को आग लगा दी गई। पहले तो 24 घंटे तक यह मामला लेखपाल के स्तर से दबा रहा। फिर गांव के किसी व्यक्ति ने यह सूचना तहसील प्रशासन को दे दी। लेखपाल नरेंद्र कुमार ने शुक्रवार शाम गांव पहुंचकर मौका मुआयना भी किया और खेत में पराली जलाने के बारे में पूरी जानकारी जुटाई।

हालांकि कई घंटे तक लेखपाल मामला दबाए रहा। जब यह बात अफसरों तक पहुंची तो लेखपाल को फटकार लगाई गई। तब लेखपाल ने शनिवार दोपहर न्यूरिया थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई मगर यहां भी खेल कर दिया। लेखपाल ने पूर्व मंत्री के बड़े भाई के नाम से पुलिस को तहरीर दी। न्यूरिया पुलिस ने उसी तहरीर पर पूर्व मंत्री के बड़े भाई के नाम से एफआईआर दर्ज कर ली। हालांकि पूर्व मंत्री और उनके ब्लॉक प्रमुख भाई का नाम लेखपाल की तहरीर में शामिल नहीं करने में राजनीतिक दबाव की चर्चाएं भी तेज रहीं।

‘पूर्व मंत्री के खेत में पराली जलाए जाने का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। संबंधित क्षेत्र के एसडीएम से मामले की जानकारी कराई जाएगी। पराली जलाने वाले हर एक व्यक्ति पर निष्पक्ष और भेदभाव रहित कार्रवाई होगी।’

पुलकित खरे , डीएम