पीएम मोदी का ऐलान- काशी को बनाएंगे बड़ा Export Hub

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के एनजीओ प्रतिनिधियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात की। कोरोना महामारी के कारण लगे लॉकडाउन के दौरान जरूरतमंदों की मदद और सेवा करने वाले काशी के लोगों से प्रधानमंत्री मोदी ने संवाद किया। सहयोग और मानव सेवा का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करने वाली संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ साझा किए। ये संस्थाएं अधिकतर वे थीं जिन्होंने राशन, फूड पैकेट, सैनिटाइजर, मास्क बांटने का कार्य बडे़ स्तर पर किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा, ‘संक्रमण को रोकने के लिए कौन क्या कदम उठा रहा है, कहां क्या व्यवस्थाएं की जा रही हैं, बाहर से आए श्रमिक साथियों के लिए क्या प्रबंध हो रहे हैं, अस्पतालों की स्थिति क्या है, क्वारंटीन को लेकर क्या हो रहा है, ये सभी जानकारियां मुझे मिल रही थीं।’ पीएम मोदी ने कहा, हम सभी के लिए ये बहुत सौभाग्य की बात है कि इस बार गरीबों की सेवा का माध्यम भगवान ने हमें बनाया।’

पीएम ने कबीरदास का एक दोहा दोहराते हुए कहा, “कबीरदास जी ने कहा है- ‘सेवक फल मांगे नहीं, सेब करे दिन रात‘। अर्थात – सेवा करने वाला सेवा का फल नहीं मांगता, दिन रात निःस्वार्थ भाव से सेवा करता है। दूसरों की निस्वार्थ सेवा के हमारे यही संस्कार हैं, जो इस मुश्किल समय में काम आ रहें हैं।”

पीएम मोदी ने कहा कि इस समय काशी में ही लगभग 8 हजार करोड़ रुपए के अलग-अलग प्रोजेक्ट्स पर काम तेजी से चल रहा है। स्थितियां सामान्य होंने पर काशी की पुरानी रौनक भी तेजी से लौटेगी। इसके लिए हमें अभी से तैयारी करना होगा। सरकार के हाल के फैसलों के बाद यहां की साड़ियां, यहां के दूसरे हस्तशिल्प के लिए, यहां के डेयरी, मत्स्य पालन और मधुमखी पालन के व्यवसाय के लिए नई संभावनाओं के द्वार खुलेंगे। मैं किसानों से, युवा साथियों से भी ये आग्रह करूंगा कि इस प्रकार के व्यवसाय में बढ़चढ़ कर भागीदारी सुनिश्चित करें। हम सभी के प्रयासों से हमारी काशी भारत के एक बड़े Export Hub के रूप में विकसित होगी ।