दो हजार रुपए के नोट की छपाई बंद, धीरे-धीरे बाजार से बाहर हो जाएंगे ये नोट

देश से दो हजार रुपये के नोट धीरे-धीरे बाहर किए जा रहे हैं। पिछले दो वित्त वर्षों से आरबीआई ने दो हजार के नोटों को छापने का नया आर्डर नहीं दिया है। इसीलिए अब मार्केट से दो हजार के नोट लगातार कम होते जा रहे हैं। इसका परिणाम यह है कि देश में प्रसारित कुल नोटों में दो हजार रुपये के नोटों की संख्या 3.27 फीसद से घटकर 2.01 फीसद रह गई है। आने वाले दिनों में इसके और घटने की आशंका भी है। इस बारे में वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने लोकसभा में जानकारी दी है।

अगर मूल्य में देखे तो मार्च, 2018 में कुल सर्कुलेशन में 37.26 फीसद हिस्सा 2000 के नोट का था, जो अब घटकर 17.78 फीसद रह गया है। ठाकुर ने बताया है कि किस मूल्य के कितने नोट छापे जाने हैं, इसका फैसला आरबीआई से विमर्श के बाद ही होता है। जहां तक दो हजार रुपये के नोट का सवाल है तो 2019-20 और 2020-21 में इसकी प्रिंटिंग नहीं करवाई गई है।

नवंबर, 2016 में नोटबंदी के समय सरकार ने देश में प्रचलित पुराने 500 और 1000 रुपये के नोटों को बाहर कर दिया था और 500 और 2000 रुपये के नए नोट देश के सामने प्रस्तुत किए किए थे। आंकड़ों से साफ है कि सरकार ने एक-दो साल बाद ही दो हजार के नोटों को प्रचलन से बाहर करने पर काम शुरू कर दिया था। इस दिशा में बैंकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। जो नोट बैंक शाखाओं में आते हैं, उन्हें फिर सर्कुलेशन में डालने के बजाय ज्यादातर को रिजर्व बैंक के पास वापस भेज दिया जाता है।