पीलीभीत में बनी राफेल राखियों ने देशभर में मचाई धूम

भारत चीन सीमा तनाव के बीच एक ओर जहां अपनी हवाई सीमाओं की सुरक्षा को चाक-चैबंद करने की दिशा में बुधवार को भारत उस समय एक कदम और आगे बढ़ गया जब रूस से सुखोई विमानों की खरीद के करीब 23 साल बाद, नये और अत्याधुनिक पांच राफेल लड़ाकू विमानों का बेड़ा फ्रांस से 29 जुलाई, बुधवार को देश के सामरिक रूप से महत्वपूर्ण अंबाला एयर बेस पर पहुंच गया। सीमा पर चीन के साथ तनातनी के बीच प्रत्येक भारतवासी चीन की वस्तुओं के बहिष्कार को लेकर अभियान चला रहे है।

इस बीच उत्तर प्रदेश के पीलीभीत के जिला जेल के अधीक्षक की पहल पर यहां राफेल राखियां तैयार की जा रही हैं। लोगों की राफेल के प्रति भावनाओं को देखते हुए पीलीभीत के जेल अधीक्षक अपने कैदियों से राफेल राखी तैयार कर मार्केट में उतार रहे हैं।

पीलीभीत की जेल एक बार फिर सुर्खियों में आने के लिए तैयार हो चुकी है क्योंकि जेल में बंद कैदी कोरोना काल में रक्षाबंधन के पवित्र त्यौहार पर काम आने वाली राखियां बना रहे हैं।

रक्षाबंधन के त्यौहार पर पीलीभीत जेल द्वारा बनाई गई राखियां ही लोगों के मन को भा रही हैं। चीन से तनाव के बीच एक तरफ जनता जहां लोकल को वोकल बनाने का मन बना चुकी है, वहीं जेल की इन राखियों की कम कीमत भी ग्राहकों को लुभा रही हैं।

पीलीभीत जेल में तैयार की जानें वाली राखी एकता का प्रतीक भी हैं। इसे जेल में हिन्दू-मुस्लिम दोनों मिलकर बना रहे हैं। कुल मिलाकर 14 लोग इस काम में लगे हैं, जिसमें 2 महिला कैदी भी हैं। पीलीभीत जेल में बनाई जाने वाली राफेल राखी स्वयं सेवी संस्थाओं द्वारा बाजार में उतारी गई है।

पीलीभीत जेल अधीक्षक अनूप शास्त्री जेल में कुछ नया करने की कोशिश करते रहते हैं। इसी कड़ी में उन्होंने कैदियों से राफेल नाम की राखी बनवाकर एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं और पीलीभीत जेल को आदर्श जेल बनानें में लगे हुए हैं।