राम मंदिर के भूमिपूजन मुहूर्त को शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने बताया अशुभ

दशकों के इंतजार के बाद अयोध्या में राम मंदिर निर्माण शुरू करने की तारीख तय हो गई है जिसके साथ ही अनेक विवादों ने भी जन्म लेना प्रारंभ कर दिया है। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के शिलान्यास की तारीख पर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने सवाल उठाकर इसे अशुभ घड़ी बता दिया है।

सरस्वती ने कहा है कि हम राम भक्त हैं, भगवान राम का भव्य मंदिर बनना चाहिए, इसमें राजनीति नहीं होनी चाहिए। राजनीति के चलते ही हिन्दुओं के मुद्दे खटाई में पड़ जाते हैं। लेकिन जिस मुहूर्त में शिलान्यास हो रहा है वह घड़ी ठीक नहीं है, अशुभ घड़ी है।

गौरतलब है कि अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर बनेगा ये सुप्रीम कोर्ट ने तय कर दिया है। मंदिर निर्माण के लिए भूमिपूजन की तारीख भी रामलला ट्रस्ट ने तय कर दी है। 5 अगस्त को भूमिपूजन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को न्यौता भी भेज दिया गया है, लेकिन अब जगदगुरू शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती महाराज ने सवाल खड़े कर दिए हैं।

अयोध्या के संत इस मुद्दे पर शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती महाराज को शास्त्रार्थ की चुनौती दे रहे हैं। उनका कहना है कि हनुमान चालीसा से लेकर ऋग्वेद तक अगर स्वरूपानंद सरस्वती को सबका ज्ञान है तो यहां आकर सिद्ध करें कि 5 अगस्त को भूमि पूजन करना गलत है।