रॉबर्ट वाड्रा बन सकते हैं कांग्रेस के अगले अध्यक्ष !

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा ने राजनीति में उतरने और चुनाव लड़ने की तीव्र इच्छा जताई है। यह इच्छा रॉबर्ट वाड्रा ने आयकर विभाग से कड़ी पूछताछ और किरकिरी के बाद जाहिर की है। वाड्रा ने आरोप लगाया कि उनके साथ इस तरह का व्यवहार इसलिए किया गया क्योंकि वह देश के प्रमुख राजनैतिक परिवार के दामाद हैं। गुरुवार को नई दिल्ली स्थित अपने सुखदेव विहार कार्यालय में मीडिया से बात करते हुए, वाड्रा ने कहा, मैं एक ऐसे परिवार से संबंधित हूं, जिसने पीढ़ियों से इस देश की सत्ता पर राज किया है और देश के लोगों की सेवा की है। मैंने देखा है, सीखा है, अभियान चलाया है। देश के विभिन्न हिस्सों में समय बिताया और मुझे लगता है कि मुझे इसी शक्ति के साथ लड़ने के लिए संसद में रहना होगा।
रॉबर्ट वाड्रा ने न्यूज एजेंसी IANS को गुरुवार को दिए इंटरव्यू में ये बातें कही हैं। आपको बता दें कि वाड्रा ने लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान रायबरेली और अमेठी में प्रचार किया था। यहां से सोनिया गांधी और राहुल गांधी चुनाव लड़े थे। लेकिन वर्षों से जिस अमेठी सीट से राहुल गांधी अपनी विजयी पताका लहराते आ रहे थे वाड्रा के प्रचार के बाद उस सीट पर भी राहुल गांधी को हार का सामना करना पड़ा।

वाड्रा ने कहा कि मैंने राजनीति से दूरी बनाए रखी क्योंकि इस बारे में मेरे अलग विचार हैं। लेकिन मैं उचित मौके पर फैसला लूंगा। मैं एक ऐसा क्षेत्र देखूंगा जहां मुझे लगेगा कि मैं यहां के लोगों के जीवन में एक अंतर ला सकता हूं और लोग मुझे इसके लिए वोट देंगे और यदि मेरा परिवार इसकी अनुमति देता है तो मैं फैसला लूंगा। वाड्रा ने कहा कि मेरा पूरा परिवार खास तौर पर प्रियंका मेरे फैसलों का समर्थन करती हैं। मेरा परिवार जब इजाजत देगा तो मैं सियासत में कदम रख सकता हूं और मुद्दों के लिए लड़ सकता हूं।

रॉबर्ट वाड्रा ने कहा कि पूरा परिवार विशेष रूप से प्रियंका उनके फैसलों का समर्थन करती हैं। उन्होंने कहा, ‘‘प्रियंका हमेशा सपोर्टिव हैं। मैं पूरे परिवार के बारे में बात कर रहा हूं और जब वे इसे मंजूरी देंगे, तो मैं राजनीति में हो सकता हूं और राजनीतिक क्षेत्र में अपने मुद्दों के लिए लड़ सकता हूं।‘‘ वाड्रा ने रायबरेली और अमेठी में चुनाव प्रचार किया है और उनके समर्थन में मुरादाबाद में होर्डिग्स लगाए गए हैं, क्योंकि उन्होंने दावा किया कि उन्होंने अपना बचपन उस जगह पर बिताया है और लोग चाहते हैं कि वे वहां रहें। राहुल गांधी के नेतृत्व में जिस तरह कांग्रेस पार्टी ने हार का सामना किया था जिसके पश्चात राहुल गांधी के स्थान पर किसी अन्य पारिवारिक सदस्य को कांग्रेस अध्यक्ष बनाने की खोज निरंतर चल रही थी वह संभवतः रॉबर्ट वाड्रा के राजनीती में प्रवेश करने के बाद समाप्त हो जाए।