पीलीभीत के सार्वजनिक शौचालयों में गड़बड़ी के आरोप के बाद टेंडर निरस्त

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ग्रामों में विकास तेजी से लाने के लिए गांव पंचायत स्तर पर सार्वजनिक शौचालय बनाने का निर्णय लिया गया था। जिसके तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत में शौचालयों का निर्माण शुरू होने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है।

पीलीभीत जनपद में करीब 721 ग्राम पंचायतों में प्रधानमंत्री योजना के तहत प्रत्येक गांव में सार्वजनिक शौचालय का निर्माण किया जाना है। लेकिन पीलीभीत जनपद में करीब 600 से अधिक ग्राम पंचायतों में बिना टेंडरिंग के ही ब्लॉक में तैनात संविदाकर्मी ने साठगांठ कर निर्माण शुरू करवा दिया।

इस पूरे मामले की शिकायत जिलाधिकारी से की गई। शिकायत के बाद डी.एम. के आदेश पर फर्जी तरीके से हुए टेंडरों को ग्राम पंचायत के सचिवों ने स्वयं को बचाने लिए निरस्त कर दिया। जिसके बाद सीडीओ ने गुणवत्ता के आधार पर कार्य न होने पर कार्रवाई की बात कही है।

दरअसल, सरकार की योजना के तहत बन रहे शौचालयों के निर्माण कार्य में उपयोग की जा रही निर्माण सामग्री घटिया लगाए जाने का आरोप लग रहा है। जिसको लेेकर ग्रामीणों ने कई जगह प्रदर्शन कर निर्माण कार्य घोटाले की शिकायत सम्बंधित अधिकारियों ने कर कार्रवाई की मांग की है। वहीं निर्माण कार्य में हो रहे घोटाले को लेकर डीएम ने सीडीओ को जांच कर कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए हैं।

सीडीओ श्री निवास शर्मा ने बताया कि जनपद में कुल 721 ग्राम पंचायत हैं, जिनमें से 637 की आईडी जनरेट करवा कर शौचालय का निर्माण कराया जाना है। वहीं गुणवत्ता मामले की शिकायत को लेकर जांच की जा रही है। अगर इसमें कोई लापरवाही बरतने का मामला संज्ञान में आया तो कार्रवाई की जाएगी।