रिस्क से इश्क़ करने वाले कैप्टन कूल की ज़िंदगी का सफ़रनामा

जिसके मैदान में उतरने से भीड़ थी, उन्माद था, जोश था जुनून था। जिसके शॉट्स पर फिदा थी ये दुनिया। वो खिलाड़ी लोगों की आँखें नम कर क्रिकेट के एक दौर को अपने साथ लिए मैदान से चला गया।

ये कहते हुए मैं पल दो पल का शायर हूं पल दो पल मेरी कहानी है लेकिन ये कहानी पल दो पल की नहीं है। यहां एक छोटे शहर का स्ट्रगल है। हज़ारों सपनें है। रिस्क से इश्क़ है। आखरी पलों में मैच का रुख़ बदल देने की जबरदस्त कुब्बत है।

2007 और ग्यारह के वर्ल्डकप का जश्न है। चैंपियन ट्रॉफी की खुशनुमा यादें है। धोनी ने अपने कैरियर में वो सब कुछ पाया। जिसके सपनें लेकर खिलाड़ी मैदान में उतरता है।

वनडे में 2007 से 2016 तक की कप्तानी

धोनी ने वनडे में भारतीय क्रिकेट टीम की साल 2007 से 2016 तक कप्तानी की थी. इसके साथ वे 2008 से 2014 तक टेस्ट टीम के कप्तान रहे थे. धोनी को भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे कामयाब कप्तानों में से एक माना जाता है।

वे क्रिकेट के इतिहास में एकमात्र ऐसे कप्तान हैं जिन्होंने ICC के सभी खिताब जीते हैं। उनकी कप्तानी में भारतीय क्रिकेट टीम ने दो विश्व कप- 2007 ICC वर्ल्ड कप टी-20 और 2011 का ICC क्रिकेट वर्ल्ड कप जीता।

वनडे में धोनी के कुल 10,773 रन

इसके अलावा 39 साल के भारतीय क्रिकेटर की कप्तानी में भारत ने 2013 की आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी भी अपने नाम की थी।। उनकी कप्तानी में भारत ने साल 2010 और 2016 के एशिया कप को भी जीता।

एम एस धोनी ने देश की ओर से 350 वनडे मैच, 90 टेस्ट और 98 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में खेले हैं । वनडे में उनके कुल 10,773 रन हैं। टेस्ट फॉर्मेट में उन्होंने कुल 4876 रन बनाए हैं।

@आशीष विश्वकर्मा