स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान के प्रति जागरुक करने नर्मदा काॅलेज के छात्रों ने निकाली रैली

आजादी की 75 वी वर्षगांठ पर संपूर्ण देश में अमृत महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में शासकीय नर्मदा महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने शहर के युवाओं और जनमानस को होशंगाबाद के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान के प्रति जागरूक करने के लिए रैली का आयोजन किया। इस रैली का मुख्य उद्देश्य युवाओं में देशभक्ति की भावना को जागृत करना है।

गांधी जी के दांडी मार्च का प्रतीकात्मक रूप से होशंगाबाद शहर में भी निर्वाह किया गया। आज उसी संदर्भ में रैली निकाली गई। रैली का शुभारंभ करते हुए माननीय एसडीएम आदित्य रिछारिया ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने अपने बलिदानों से हमें विरासत में आजादी रूपी धरोहर दी है। अब हमारा कर्तव्य है कि हम देश के विकास में और उसकी सुरक्षा में अपना योगदान देकर अपना फर्ज अदा करें। रैली का मुख्य स्थल नर्मदा महाविद्यालय से कोरी घाट स्थित चित्रगुप्त मंदिर रहा।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि में चित्रगुप्त मंदिर राष्ट्रीय आंदोलन का साक्षी रहा है। यहां पर लाला अर्जुन सिंह के साथ अनेक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बैठक किया करते थे। जिसमें आंदोलन की रूपरेखा तैयार होती थी दांडी मार्च हो, नमक कानून का विरोध हो, असहयोग आंदोलन, सविनय अवज्ञा आंदोलन या 1942 का भारत छोड़ो आंदोलन सभी आंदोलनों का होशंगाबाद शहर साक्षी रहा है। लाला अर्जुन सिंह, अश्विनी मिश्रा ,निर्मल जैन, सैयद मूसा अहमद ,महेश दत्त मिश्र ,गणेश प्रसाद तिवारी, समीर मलगोठी, दुर्गा प्रसाद जायसवाल, सरस पगारे अम्मा, श्री सुकुमार पगारे आदि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी होशंगाबाद शहर की गौरवशाली धरोहर हैं।


चित्रगुप्त मंदिर पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. ओ.एन. चौबे ने विद्यार्थियों को सम्बोधित किया। प्रभारी डॉ. हंसा व्यास ने बताया कि 1857 की पृष्ठभूमि के निर्माण में भी होशंगाबाद शहर का योगदान उल्लेखनीय है।

एनएसएस प्रभारी डॉ. एस के दिवाकर, डॉ. इरा वर्मा, वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. बी.सी. जोशी, डॉ. बी.एल. राय, डॉ. रश्मि तिवारी, डाॅ. एन.आर. अडलक, अंजना यादव, डॉ. कुमुदिनी गार्गव, अलका नागले, कु प्रियंका राय, आरती रावत, सहित महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।