यास तूफान का ऐसा डर कि पटरी पर जंजीर से बांधी गयी ट्रेन

बंगाल की तरफ तेजी से बढ़ रहे साइक्लोन ‘यास‘ से निपटने को राज्य सरकार युद्धस्तर पर तैयारियां कर रही है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बताया कि चक्रवात से बंगाल के 20 जिलों के बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका है। उन जिलों में 4,000 राहत शिविर खोले गए हैं। 10 लाख लोगों को जोखिम वाले स्थानों से हटाकर सुरक्षित जगहों पर लाया जा रहा है। 51 आपदा प्रबंधन टीमों का गठन किया गया है। इसके साथ ही तूफान के गुजरने के बाद तेजी से बिजली की आपूर्ति बहाल करने के लिए 1,000 पावर रेस्टोरेशन टीमें भी गठित की गई हैं। राज्य सचिवालय नवान में कंट्रोल रूम खोला गया है, जहां से मंगलवार से लगातार 48 घंटे हालात पर निगरानी रखी जाएगी।

तूफान की आहट को देखते हुए कई ट्रेन रद्द कर दी गई हैं। हावड़ा के पास शालीमार रेलवे साइडिंग में खड़ी ट्रेनों को जंजीर से बांध कर रखा गया है, ताकि खड़ी ट्रेन हवा के जोर से चल न पड़े। मोटी-मोटी जंजीर से ट्रेन के पहियों को बांधा गया है। पटरी से बांध कर ताले जड़े गए हैं। बंगाल की खाड़ी में उठा समुद्री तूफान यास बुधवार को बंगाल में आने वाला है। इससे निपटने की तैयारी युद्ध स्तर पर हो रही है। कई ट्रेनें रद्द हो गई हैं। ट्रेनों को यार्ड में भेजा गया है।

तूफान में ट्रेनों की पूरी सुरक्षा की जा रही है। पहियों में जंजीर है तो लोहे के गुटके भी लगाए जा रहे हैं। कोई कसर न रहे इसलिए हैंडब्रेक भी लगा कर रखा गया है। चक्रवातीय तूफान यास की आहट दिखने लगी है। समुद्र में उफान है। लहरें शोर कर रही हैं। बादल गरजने लगा है। बूंदाबांदी शुरू हो गई है। तूफान की रफ्तार भी 100 किलोमीटर से ज्यादा रहने के आसार हैं और ऐसे में डर है कि कहीं ट्रेनें बिना ड्राइवर पटरी पर न दौड़ने लगे।