मप्र के विदिशा में दशकों पुराना पेड़ आंधी चलने से गिरा फिर कुछ समय बाद अपने आप खड़ा हो गया

@आशीष विश्वकर्मा

मध्यप्रदेश में पिछले कुछ समय से अनेकों पेड़ चर्चा का विषय बने हुए हैं। ऐसा ही एक पेड़ फिर सामने आया है। यह पीपल का पेड़ विदिशा के छपारा गांव में स्थित देवी माता मंदिर परिसर का है। यह दशकों पुराना पेड़ दो महीने पहले तेज आंधी चलने के कारण गिर गया था लेकिन फिर अचानक एक दिन वह अपने आप खड़ा हो गया। यह घटना देख ग्रामवासी इसे दैवीय चमत्कार मान रहे हैं तो विज्ञान अपने अलग तर्क दे रहा है।


वह पेड़ अब पहले की ही तरह फिर से जीवंत हो उठा है। इसकी सूचना जैसे ही प्रशासन को दी गई तो 5 सदस्यीय तकनीकी दल तत्काल मौके पर पहुंचा और जाँच प्रारंभ की। तकनीकी दल के मुताविक इस घटना के पीछे पीपल के पेड़ की पूर्व अवस्था ग्रहण करने की बात कही जा रही है साथ ही इसे एक भौतिक घटना बताया गया है। दल का कहना है कि पेड़ की शाखाओं को काटने से उसके तने का वजह जड़ों की उपेक्षा कम होगा। पानी गिरने के बाद पेड़ की जड़ों ने ‘जाम फ्लोइंग प्रक्रिया‘ कर पेड़ को पानी भोजन उपलब्ध कराया। इससे जड़ों में उत्पन्न खिंचाव से पेड़ ने गुरुत्वाकर्षण बल नियम का पालन करते हुए भार संतुलन किया और वह एकाएक पहले की तरह खड़ा हो गया।


गांव के लोग पीपल के पेड़ के अपने आप खड़े होने की इस घटना को देवी का चमत्कार बता रहे हैं। कुछ लोगों ने मंदिर में देवी देवताओं के साथ पेड़ की पूजा करनी भी शुरु कर दी है। इसीलिए प्रशासन को चिंता है कि अगर दैवीय चम्तकार की बात लोगों के बीच फैली तो भीड़ जुटने का खतरा है। इससे कोरोना संक्रमण फैल सकता है। प्रशासन ने यहां श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने की आशंका को देखते हुए, कार्रवाई करने के निर्देश दे दिए हैं।


हमारे विशेष संवाददाता आशीष विश्वकर्मा ने प्रत्यक्षदर्शी वाहिद खान से बात की जिसमें उस शख्स ने पीपल के पेड़ के खड़े होने को देखने का दावा किया है। वाहिद खान ने बताया कि सुबह करीब 6 बजे तेज हवा चल रही थी और इसी दौरान उन्होंने देखा कि धराशायी पीपल के पेड़ का तना कुछ ही सेकेंडों में अपने आप खड़ा हो गया उसकी जड़े अपने आप जमीन में समां गईं।